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Hindi Poranik Katha “Dhanteras”, ”धनतेरस” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

धनतेरस Dhanteras   प्राचीन काल में एक राजा थे। उनके कोई संतान नहीं थी। अत्याधिक पूजा-अर्चना व मन्नतों के पश्चात दैव योग से उन्हें पुत्र प्राप्ति हुई। ज्योंतिषियों ने बालक की कुण्डली बनाते समय भविष्यवाणी की कि इस बालक के विवाह के चार दिन के बाद उसकी मृत्यु हो जाएगी। राजा इस बात को जानकर बहुत व्यथित हुए और उन्होंने राजकुमार का भेष बदलवाकर उसे ऐसे स्थान पर भेज दिया जहाँ...
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Hindi Poranik Katha “Holika aur Prahlad ”, ”होलिका और प्रहलाद” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

होलिका और प्रहलाद Holika aur Prahlad   इस त्योहार का मुख्य संबंध बालक प्रहलाद से है। प्रहलाद था तो विष्णुभक्त मगर उसने ऐसे परिवार में जन्म लिया, जिसका मुखिया क्रूर और निर्दयी था। प्रहलाद का पिता अर्थात निर्दयी हिरण्यकश्यप अपने आपको भगवान समझता था और प्रजा से भी यही उम्मीद करता था कि वह भी उसे ही पूजे और भगवान माने। ऐसा नहीं करने वाले को या तो मार दिया जाता...
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Hindi Poranik Katha “Drona Guru ke pad par ”, ”द्रोण गुरु के पद पर” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

द्रोण गुरु के पद पर Drona Guru ke pad par   गुरु द्रोणाचार्य ब्राह्मण थे, धनुर्विद्या के महान आचार्य थे, पर बड़े गरीब थे| इतने गरीब थे कि जीवन का निर्वाह होना कठिन था| घर में कुल तीन प्राणी थे – द्रोणाचार्य स्वयं, उनकी पत्नी और उनका पुत्र अश्वत्थामा| पुत्र की अवस्था पांच-छ: वर्ष की थी| एक दिन पुत्र ने अपने एक साथी को दूध पीते हुए देख लिया| उसके मन...
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Hindi Poranik Katha “Shurupnakha ke naak kaan kat diye ”, ”शुर्पणखा के नाक-कान काट दिए” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

शुर्पणखा के नाक-कान काट दिए Shurupnakha ke naak kaan kat diye     चौदह वर्ष के वनवास के दौरान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी में एक पर्णकुटी बनाकर रह रहे थे। एक दिन रावण की बहन राक्षसी शुर्पणखा आकाश मार्ग से उस ओर से गुजर रही थी तभी वह श्रीराम और लक्ष्मण के सुंदर और मोहक रूप को देखकर मोहित हो गई। वह तुरंत ही जमीन पर उतर आई और अतिसुंदर...
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Hindi Poranik Katha “Drupad ka Putreshti Yagya”, ”द्रुपद का पुत्रेष्टि यज्ञ” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

द्रुपद का पुत्रेष्टि यज्ञ Drupad ka Putreshti Yagya  प्राचीन भारत में पुत्रेष्टि यज्ञ के द्वारा तेजस्वी पुत्र प्राप्त करने की प्रथा थी| जब किसी बहुत बड़े नृपति को संतान का अभाव दुख देता था, तो वह ऋषियों और महात्माओं के द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ कराता था| यज्ञ के कुंड से हवि बाहर निकलती थी| उस हवि को खाने से मनचाहे पुत्र की प्राप्ति होती थी| पांचाल देश के नृपति के कई...
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Hindi Poranik Katha “Shukl Chaturthi ko Chandrama Darshan ”, ”शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा दर्शन” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा दर्शन Shukl Chaturthi ko Chandrama Darshan   एक बार नंदकिशोर ने सनतकुमारों से कहा कि चौथ की चंद्रमा के दर्शन करने से श्रीकृष्ण पर जो लांछन लगा था, वह सिद्धि विनायक व्रत करने से ही दूर हु‌आ था। ऐसा सुनकर सनतकुमारों को आश्चर्य हु‌आ। उन्होंने पूर्णब्रह्म श्रीकृष्ण को कलंक लगने की कथा पूछी तो नंदकिशोर ने बताया-एक बार जरासन्ध के भय से श्रीकृष्ण समुद्र के मध्य नगरी...
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Hindi Poranik Katha “Dhanteras ki Kahani ”, ”धनतेरस की कहानी” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

धनतेरस की कहानी Dhanteras ki Kahani   भारत त्यौहारों का देश है। विभिन्न त्यौहारों पर अलग-अलग पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. इसी प्रकार धनतेरस पर भी यमराज की एक कथा बहुत प्रचलित है। कथा कुछ इस प्रकार है। पुराने जमाने में एक राजा हुए थे राजा हिम। उनके यहां एक पुत्र हुआ, तो उसकी जन्म-कुंडली बनाई गई। ज्योतिषियों ने कहा कि राजकुमार अपनी शादी के चौथे दिन सांप के काटने से मर...
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Hindi Poranik Katha “Krishan aur Rukmani  ”, ”कृष्ण और रुक्मिणी” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

कृष्ण और रुक्मिणी Krishan aur Rukmani   विदर्भ देश के राजा भीष्मक के पांच पुत्र और एक पुत्री थी| पुत्री का नाम रुक्मिणी था जो समकालीन राजकुमारियों में सर्वाधिक सुंदर और सुशील थी| उससे विवाह करने के लिए अनेक राजा और राजकुमार आए दिन विदर्भ देश की राजधानी की यात्रा करते रहते थे| उन दिनों कृष्ण के रूप-सौंदर्य, गुणों और पराक्रम की गाथाएं समस्त भरत खंड में गूंज रही थीं| राजकुमारी...
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