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Hindi Poranik Katha “Ramayan yudh me Hanuman ”, ”रामायण युद्ध में हनुमान” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

रामायण युद्ध में हनुमान Ramayan yudh me Hanuman   रामायण के सुन्दर-काण्ड में हनुमान जी के साहस और देवाधीन कर्म का वर्णन किया गया है। हनुमानजी की भेंट रामजी से उनके वनवास के समय तब हुई जब रामजी अपने भ्राता लछ्मन के साथ अपनी पत्नी सीता की खोज कर रहे थे। सीता माता को लंकापति रावण छल से हरण करके ले गया था। सीताजी को खोजते हुए दोनो भ्राता ॠषिमुख पर्वत...
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Ramayan Katha, Hindi Poranik Katha “Mahaprayan ”, ”महाप्रयाण” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

महाप्रयाण – रामायण कथा  Mahaprayan – Ramayan Katha    लक्ष्मण का त्याग करके अत्यन्त शोक विह्वल हो रघुनन्दन ने पुरोहित, मन्त्रियों और नगर के श्रेष्ठिजनों को बुलाकर कहा, “आज मैं अयोध्या के सिंहासन पर भरत का अभिषेक कर स्वयं वन को जाना चाहता हूँ।” यह सुनते ही सबके नेत्रों से अश्रुधारा बह चली। भरत ने कहा, “मैं भी अयोध्या में नहीं रहूँगा, मैं आपके साथ चलूँगा। आप कुश और लव का अभिषेक...
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Ramayan Katha, Hindi Poranik Katha “Laxman ka Parityag”, ”लक्ष्मण का परित्याग ” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

लक्ष्मण का परित्याग – रामायण कथा  Laxman ka Parityag –  Ramayan Katha    जब इस प्रकार राज्य करते हुये श्रीरघुनाथजी को बहुत वर्ष व्यतीत हो गये तब एक दिन काल तपस्वी के वेश में राजद्वार पर आया। उसने सन्देश भिजवाया कि मैं महर्षि अतिबल का दूत हूँ और अत्यन्त आवश्यक कार्य से श्री रामचन्द्र जी से मिलना चाहता हूँ। सन्देश पाकर राजचन्द्रजी ने उसे तत्काल बुला भेजा। काल के उपस्थित होने...
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Ramayan Katha, Hindi Poranik Katha “Bharat aur Laxman ke putro ke liye rajya vyvastha” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

भरत व लक्ष्मण के पुत्रों के लिये राज्य व्यवस्था – रामायण कथा  Bharat aur Laxman ke putro ke liye rajya vyvastha – Ramayan Katha    यज्ञ की समाप्ति पर सुग्रीव, विभीषण आदि सहित राजाओं तथा ऋषि-मुनियों एवं निमन्त्रित जनों को अयोध्यापति राम ने सब प्रकार से सन्तुष्ट कर विदा किया। इसके पश्चात् उन्होंने राजकाज में मन लगाया। प्रजा का पालन करते हुये उन्होंने असंख्य यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान किये। उनके राज्य की...
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Ramayan Katha, Hindi Poranik Katha “Sita ka Rastal pravesh”, ”सीता का रसातल प्रवेश ” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

सीता का रसातल प्रवेश  – रामायण कथा  Sita ka Rastal pravesh – Ramayan Katha    सीता के त्याग और तपस्या का वृत्तान्त सुनकर रामचन्द्रजी ने अपने विशिष्ट दूत के द्वारा महर्षि वाल्मीकि के पास सन्देश भिजवाया, “यदि सीता का चरित्र शुद्ध है और वे आपकी अनुमति ले यहाँ आकर जन समुदाय में अपनी शुद्धता प्रमाणित करें और मेरा कलंक दूर करने के लिये शपथ करें तो मैं उनका स्वागत करूँगा।” यह सन्देश...
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Ramayan Katha, Hindi Poranik Katha “Love Kush Dwara Ramayan Gaan”, ”लव-कुश द्वारा रामायण गान ” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

लव-कुश द्वारा रामायण गान  – रामायण कथा  Love Kush Dwara Ramayan Gaan- Ramayan Katha    जब लव-कुश अपने रामायण गान से पुरवासियों एवं आगन्तुकों का मन मोहने लगे तब एक दिन श्रीराम ने उन दोनों बालकों को अपनी राजसभा में बुलाया। उस समय राजसभा में श्रेष्ठ नैयायिक, दर्शन एवं कल्पसूत्र के विद्वान, संगीत तथा छन्द कला मर्मज्ञ, विभिन्न शास्त्रों के ज्ञाता, ब्रह्मवेत्ता आदि मनीषि विद्यमान थे। लव-कुश को देखकर सबको ऐसा प्रतीत...
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Ramayan Katha, Hindi Poranik Katha “Ashvamegh yagya ka anushthan ”, ”अश्वमेघ यज्ञ का अनुष्ठान” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

अश्वमेघ यज्ञ का अनुष्ठान  – रामायण कथा  Ashvamegh yagya ka anushthan – Ramayan Katha    सब भाइयों के आग्रह को मानकर रामचन्द्र जी ने वसिष्ठ, वामदेव, जाबालि, कश्यप आदि ऋषियों को बुलाकर परामर्श किया। उनकी स्वीकृति मिल जाने पर वानरराज सुग्रीव को सन्देश भेजा गया कि वे विशाल वानर सेना के साथ यज्ञोत्सव में भाग लेने के लिये आवें। फिर विभीषण सहित अन्य राज-महाराजाओं को भी इसी प्रकार के सन्देश और निमन्त्रण...
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Ramayan Katha, Hindi Poranik Katha “Raja eel ki katha”, ”राजा इल की कथा” Hindi Dharmik Katha for Class 9, Class 10 and Other Classes

राजा इल की कथा  – रामायण कथा  Raja eel ki katha – Ramayan Katha    जब लक्ष्मण ने अश्वमेघ यज्ञ के विशेष आग्रह किया तो श्री रामचन्द्र जी अत्यन्त प्रसन्न हुये और बोले, “हे सौम्य! इस विषय में मैं तुम्हें राजा इल की कथा सुनाता हूँ। प्रजापति कर्दम के पुत्र इल वाह्लीक देश के राजा थे। एक समय शिकार खेलते हुये वे उस स्थान पर जा पहुँचे जहाँ स्वामी कार्तिकेय का जन्म...
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