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Hindi Poem of Pratibha Saksena “  Baal geet”,”बाल-गीत” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

बाल-गीत  Baal geet   इस पर्वत के पार एक नीलमवाली घाटी है, परियां आती रोज जहां पर संध्या और सकारे! आज चलो इस कोलाहल से दूर प्रकृति से मिलने वन फूलों के साथ खेलने और खुशी से खिलने स्वच्छ वायु, निर्मल जलधारा .हरे-भरे फूले वन, कलरव कर ते रंगरंग के पक्षी रूप सँवारे! पशु-पक्षी ये जीव हमारी दुनिया के सहभागी, जो अधिकार हमें धरती पर वैसा ही उनका भी बुद्धि...
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Hindi Poem of Pratibha Saksena “  Arnay man”,”अरण्य-मन” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

अरण्य-मन  Arnay man   अब तो महाभारत व्यतीत हुआ! छोड़ गया और भी अकेली जो समझा धोखा था, बची सिर्फ़ थकन और पछतावे भरा मन . झूठ औऱ सच तुम्हें अर्पण! कहाँ ले जाऊँ पर अरण्य-मन. बदल गया सारा कुछ, आँख खोल देखती हूँ यत्र-तत्र, शून्य सा बड़ा विचित्र! अंतर का घट रीतता गया. ज़िन्दगी का दाँव हर बार कुछ और तिक्त कर गया जाते जाते पे महाभारत, सारे ही...
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Hindi Poem of Pratibha Saksena “  Mohe tv mangaye de”,”मोहे टी.वी. मँगाय दे” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

मोहे टी.वी. मँगाय दे  Mohe tv mangaye de   मोहे टी.वी. मँगाय दे मैं टिविया पे राजी! जा पै होइ रँगवारो टीवी करौं ओही से सादी! काला और सुपेद न भावै,टीवी बस रंगवारो, बिना रँगन को मजा न आवे तुमहू नेक विचारो! छैल-छबीली फर्वट छोरी दो करवाय मुनादी मरद चलेगा लंबा-नाटा काला-गोरा कोई, मोटा पातर,मूँछ-निमूछा फरक पड़े ना कोई! दिन भर बाहर रहै मरद,रौनक टीवी से हाँ,जी! बंदर जैसा हो...
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Hindi Poem of Pratibha Saksena “ Ek mitti ka khilona ”,”एक मिट्टी का खिलौना” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

एक मिट्टी का खिलौना Ek mitti ka khilona    एक मिट्टी का खिलौना जिन्दगी, ढालने को जन्म भी तैयार है, खेलने को मौत भी तैयार! चार साँसें, एक आँसू, एक स्मिति की लहर, एक आशा एख भाषा एक स्वर, और थोडी सी कसकती वेदना, और भरने के लिये छोटा प्रहर! एक छोटी सी कहानी जिन्दगी, जोडने को जन्म भी तैयार है, मोडने को मौत भी तैयार! एक क्षण को आँख...
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Hindi Poem of Pratibha Saksena “  Mori jot na Chunchuay”,”मोरी जोत ना धुँधुआय” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

मोरी जोत ना धुँधुआय  Mori jot na Chunchuay   पीछे छूटि गई सारी भीर-भार! अब तो उतरि गो सैलाब, जी में काहे की हरास, लै जात नहीं केऊ का उधार! सँवारि दये बच्चा, निभाइ दियो कुनबा, अब बार फँसे चाँदी के तार! झेली छाँह-धूप सारी, राह पूरी करि डारी, थोरो बच्यो सो भी होय जाई पार! सही लागे सोई करिबे, आपुन सिर उठाय जीबै! केऊ और से लगइबे ना गुहार!...
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Hindi Poem of Pratibha Saksena “ Vatkatha”,”वटकथा” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

वटकथा Vatkatha   मैं जाती थी वर्ष में एक बार,उस छाँह को छूने उसके नीचे बिताये दिन फिर से जीने, और पूरे साल की ऊर्जा मिल जाती थी मुझे . मनोजगत में उसकी छाँह निरंतर लिये आगे के तीन सौ दिन निकल जाते थे उसी ताज़गी में रच कर, और बाद के दिन प्रतीक्षा में उस छाँह को पाने की । कितने साल! और फिर एक साल देखा वह वहाँ...
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Hindi Poem of Pratibha Saksena “  Chuppe rahi let haa”,”चुप्पै रहि लेत हौं” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

चुप्पै रहि लेत हौं  Chuppe rahi let haa   बिटवा को माय ने बिगारि दियो कइस दुइ बच्चन को बाप ह्वै छटूलो बनो जात है! का कहै मरद जात कहै खिसियाय जात, आपुनी जो बात होय मिरची लगि जात है! पेट नाहीं भरत तो कहूँ मन कहाँ ते लगे भइया के बुलाये जबै मैके चली जात है, देख लेओ ढंग हम अभै दिखलाय देत अम्माँ के सामैं और सिर चढ़ि...
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Hindi Poem of Pratibha Saksena “ Akshara”,”अक्षरा” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

अक्षरा  Akshara   तुम प्रतिष्ठित रहो सुयश प्रदायिनी बन हृदय में निष्ठा स्वरूप बसो निरंतर! प्रभा बन सुविकीर्ण प्रतिपल नयन में हो बन अचल विश्वास अंतर में समाओ, समर्पित प्रति क्षण तुम्हारे प्रति रहूँ तुम सूक्ष्मतम अणु रूपिणी सी व्याप जाओ! शक्ति बन कर समा जाओ प्राण-मन में त्रिगुणमयि चिन्मयातीता परम सुन्दर! राग में मेरे समाओ मंगला सी, शब्द मेरे अक्षरा जीवन्त चिर तुम, दिव्यता बन मृत्युमय तन में रमो,...
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