Home » Posts tagged "Munshi Premchand Stories"

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Kitni jameen”, ”कितनी जमीन” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

कितनी जमीन  Kitni jameen (भाग १) दो बहने थी। बड़ी का कस्बे में एक सौदागर से विवाह हुआ था। छोटी देहात में किसान के घर ब्याह थी। बड़ी का अपनी छोटी बहन के यहां आना हुआ। निबटकार दोनों जनी बैठीं तो बातों का सूत चल पड़ा। बड़ी अपने शहर के जीवन की तारीफ करने लगी, ‘‘देखो, कैसे आराम से हम रहते हैं। फैंसी कपड़े और ठाठ के सामान! स्वाद-स्वाद की...
Continue reading »

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Toofan”, ”तूफान” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

तूफान  Toofan यूसूफ अल-फाख़री की आयु तब तीस वर्ष की थी, जब उन्होंने संसार को त्याग दिया और उत्तरी लेबनान में वह कदेसा की घाटी के समीप एक एकांत आश्रम में रहने लगे। आपपास के देहातों में यूसुफ के बारे में तरह-तरह की किवदन्तियां सुनने में आती थीं। कइयों का कहना था कि वे एक धनी-मानी परिवार के थे और किसी स्त्री से प्रेम करने लगे थे, जिसने उनके साथ...
Continue reading »

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Dharti ki mamta”, ”धरती की ममता” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

धरती की ममता  Dharti ki mamta सन 1918 की गर्मियों की एक रात को एक मछुवे ने स्विट्जरलैण्ड के छोटे–से विलेन्व्यू कस्बे के पास जिनेवा झील में अपनी नाव पर से पानी की सतह पर कुछ अजीब-सी चीज देखी। जब वह उसके नजदीक पहुंचा तो उसेपता चला कि वह शहतीरों को उल्टा-सीधा बांधकर बनाया हुआ बेड़ा है, जिसे एक नंगा आदमी एक तख्ते की मददसे जैसे-तैसे चलाने की कोशिश कर...
Continue reading »

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Koshula”, ”कोलूशा” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

कोलूशा  Koshula कब्रिस्तान के मुफलिसों के घेरे में पत्तियों से ढकी और बारिश तथा हवा में ढेर बनी समाधियों के बीच एक सूतीपोशाक पहने और सिर पर काला दुशाला डाले,दो सूखे भूर्ज वृक्षों की छाया में एक स्त्री बैठी है। उसके सिर के सफेदबालों की एक लट उसके कुम्हलाये गाल पर पड़ी है। उसके मजबूती से बंद होठों के सिरे कुछ फूले हुए-से हैं, जिससेमुहं के दोनों ओर शोक-सहूचक रेखाएं...
Continue reading »

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Ek Thela ciment”, ”एक थैला सीमेंट” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

एक थैला सीमेंट  Ek Thela ciment योशिजो सीमेंट के थैले खाली कर रहा था। अपने शरीर के अधिकतर अंगों को वह किसी तरह सीमेंट की धूल से बचाये हुए था, लेकिन उसके केशों और मूछों पर एक मोटी पपड़ी जम गयी थी। वह अपनी नाक साफ करके सिमेंट की उस पपड़ी को निकालने के लिए अकुल रहा था, जिसके कारण नासापुटों के भीतर बाल सलाख-से कड़े हो गयो थे; लेकिन...
Continue reading »

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Girgit”, ”गिरगिट” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

गिरगिट  Girgit पुलिस का दारोगा ओचुमेलोव नया ओवरकोट पहने, बगल में एक बण्डल दबाये बाजार के चौक से गुजर रहा था। उसके पीछे-पीछे लाल बालोंवाला पुलिस का एक सिपाही हाथ में एक टोकरी लिये लपका चला आ रहा था। टोकरी जब्त की गई झड़गरियों से ऊपर तक भरी हुई थी। चारों ओर खामोशी।…चौक में एक भी आदमी नहीं। ….भूखे लोगों की तरह दुकानों और शराबखानों के खुले हुए दरवाजे ईश्वर...
Continue reading »

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Vah Abhaga”, ”वह अभागा” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

वह अभागा  Vah Abhaga  चीन के दूसरे भागों की भांति ल्यूचेन में शराब की दुकानों नहीं हैं। उन सब पर सड़क की ओर मुंह किये काउण्टर हैं। वहां पर शराब को गर्म करने के लिए गर्म पानी की व्यवस्था रहती है। दोपहर या शाम को लोग अपने काम से छुट्टी पाकर वहां आते हैं और एक प्याली शराब खरीद लेते हैं। बीस साल पहले उसके लिए चार कैश1 लगते थें,...
Continue reading »

Munshi Premchand Hindi Story, Moral Story on “Pravasi Chidiya”, ”प्रवासी चिड़िया” Hindi Short Story for Primary Class, Class 9, Class 10 and Class 12

प्रवासी चिड़िया  Pravasi Chidiya   वाह! आप रास्ते में मिल गये! मैं स्वयं आपके पास पहुंचने वाला था। नहीं, कोई खास बात नहीं है। आपसे गपशप करने का मन था। मेरी निगाह कुछ बुझी-सी हो रही है? नहीं जी, ऐसा कुछ नहीं है। आइये, कहीं शराब का एक दौर हो जाय। मेरी सेहत ठीक है। जी हां, मन कुछ गिरा हुआ-सा है। आप कहते हैं, कभी-कभी घर की याद बेचैन...
Continue reading »