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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Duryodhan aur uski patni Bhanumati ki ansuljhi kahani ” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

दुर्योधन् और उसकी पत्नी भानुमति की अनसुलझी कहानी Duryodhan aur uski patni Bhanumati ki ansuljhi kahani  भानुमति काम्बोज के राजा चंद्रवर्मा की पुत्री थी, राजा ने इनके लिए विवाह का स्वयंवर रखा। स्वयंवर में शिशुपाल, जरासंध, रुक्मी, वक्र और दुर्योधन-कर्ण समेत कई राजा आमंत्रित थे। जब भानुमति हाथ में माला लेके अपनी दासियों और अंगरक्षकों के साथ दरबार में आई तो दुर्योधन की उसे देख बांछे खिल उठी। भानुमति दुर्योधन...
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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Akhir Sher par hi Maa Durga savari kyo karti hai ” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

आखिर शेर पर ही माँ दुर्गा सवारी क्यों करती है Akhir Sher par hi Maa Durga savari kyo karti hai  एक बार माँ दुर्गा कैलाश पर्वत को छोड़ कर वन में तपस्या करने के लिए चली गई था! यह घोर तप कर रही थी! तभी वहां एक भूखा शेर आया और शेर अपनी भूख को मिटाने के लिए पास गया और उनके समीप बैठ गया! उधर पार्वती माता तपस्या में...
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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Kese Shuru hua aur kisne shuru kiya sapse pehla Shradh” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

कैसे शुरू हुआ और किसने शुरू किया सबसे पहला श्राद्ध  Kese Shuru hua aur kisne shuru kiya sapse pehla Shradh आपको बता दे कि महाभारत के मुताबित सबसे पहले श्राद्ध का उपदेश महातपस्वी अत्रि मुनि ने महर्षि निमि को दिया था। इस तरह पहले निमि ने श्राद्ध का प्रारम्भ किया, उसके बाद अन्य महर्षि भी श्राद्ध करने लगे। और फिर धीरे-धीरे चारों वर्णों के लोग श्राद्ध में पितरों को अन्न...
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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Raja Bharat aur Brihaspati Rishi”, “राजा भारत  और बृहस्पति ऋषि ” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

राजा भारत  और बृहस्पति ऋषि  Raja Bharat aur Brihaspati Rishi   शकुंतला और दुष्यंत के पुत्र राजा भरत के तीन संताने थी लेकिन वो तीनो ही उनके उत्तराधिकारी बनने के योग्य न थे। जब उनकी तीनो पत्नियों को ये पता चला तो उन्होंने अपने ही पुत्रों को मार दिया था, तब राजा दुखी रहने लगे और एक दिन ऐसे में ही बृहस्पति से उनकी मुलाकात हुई। तब बृहस्पति ने उन्हें...
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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Kese Hua Dharti aur Himalya ka Janam”, “कैसे हुआ धरती और हिमालय का जन्म” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

कैसे हुआ धरती और हिमालय का जन्म Kese Hua Dharti aur Himalya ka Janam लाखों वर्षो पहले की बात है जब भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषशायी हुआ करते थे, उसी समय उस सागर में एक समुद्री चिड़िया का दम्पति रहता था। मादा चिड़िया हर साल समुद्र के किनारे अंडे देती थी लेकिन हर बार समुन्द्र उन अन्डो को अपने थपेड़ो से नष्ट कर देता था। काफी समय तक जब ऐसा...
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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Bhim Putra Ghatotkach ka nirman ”, “भीमपुत्र घटोत्कच का निर्माण” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

भीमपुत्र घटोत्कच का निर्माण Bhim Putra Ghatotkach ka nirman  सुरंग के रास्ते लाक्षागृह से निकल कर पाण्डव अपनी माता के साथ वन के अन्दर चले गये। कई कोस चलने के कारण भीमसेन को छोड़ कर शेष लोग थकान से बेहाल हो गये और एक वट वृक्ष के नीचे लेट गये। माता कुन्ती प्यास से व्याकुल थीं इसलिये भीमसेन किसी जलाशय या सरोवर की खोज में चले गये। एक जलाशय दृष्टिगत...
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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Kripacharya tha Dronacharya ki Katha ” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

कृपाचार्य तथा द्रोणाचार्य की कथा  Kripacharya tha Dronacharya ki Katha  गौतम ऋषि के पुत्र का नाम शरद्वान था। उनका जन्म बाणों के साथ हुआ था। उन्हें वेदाभ्यास में जरा भी रुचि नहीं थी और धनुर्विद्या से उन्हें अत्यधिक लगाव था। वे धनुर्विद्या में इतने निपुण हो गये कि देवराज इन्द्र उनसे भयभीत रहने लगे। इन्द्र ने उन्हें साधना से डिगाने के लिये नामपदी नामक एक देवकन्या को उनके पास भेज...
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Hindi Short Story and Hindi Poranik kathaye on “Drupad se Drona ka Pratishodh”, “द्रुपद  से द्रोण का प्रतिशोध” Hindi Prernadayak Story for All Classes.

द्रुपद  से द्रोण का प्रतिशोध Drupad se Drona ka Pratishodh जब पाण्डव तथा कौरव राजकुमारों की शिक्षा पूर्ण हो गई तो उन्होंने द्रोणाचार्य को गुरु दक्षिणा देना चाहा। द्रोणाचार्य को द्रुपद के द्वारा किये गये अपने अपमान का स्मरण हो आया और उन्होंने राजकुमारों से कहा, “राजकुमारों! यदि तुम गुरुदक्षिणा देना ही चाहते हो तो पाञ्चाल नरेश द्रुपद को बन्दी बना कर मेरे समक्ष प्रस्तुत करो। यही तुम लोगों की...
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