Hindi Poem of Prayag Shukla “Vyanjan pakane ki vidhi “ , “व्यंजन पकाने की विधि” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

व्यंजन पकाने की विधि
Vyanjan pakane ki vidhi

व्यंजन पकाने की विधियाँ कई हैं
व्यंजन भी कई हैं
ढेरों व्यंजनों के
पर, व्यंजन विधियों को चकमा देकर
कब और कैसे स्वाद को
मधुर तिक्त करते हैं
यही चमत्कार है।

चाहें तो हम इसे रहस्य भी कह लें।
हाथों का जस
वह तो होता है
उससे भी बड़ी चीज वह मन है
जो व्यंजन पकाता है,
वह अदृश्य रहता है
स्वाद जो आता है जीभ पर
जान वह कैसे यह लेता है,
किस मन से व्यंजन पकाया गया।

सामग्री , वह तो सोची होगी
सामग्री बिन व्यंजन
यह तो सुना नहीं,
हाँ वह भी कैसे पकाई गई
यह महत्वपूर्ण है।

अंत तब यही होगा स्वाद का
कैसे जुटाये गये
सामग्री व्यंजन विधियाँ।

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