Hindi Poem of Ibne Insha “Log puchenge”,”लोग पूछेंगे” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

लोग पूछेंगे

 Log puchenge

लोग पूछेंगे क्यों उदास हो तुम

और जो दिल में आए सो कहियो

“यूँ ही माहौल की गिरानी है

दिन ख़िज़ाँ के ज़रा उदास-से हैं

कितने बोझिल हैं शाम के साए”

उनकी बाबत ख़मोश ही रहियो

नाम उनका न दरमियाँ आए

नाम उनका न दरमियाँ आए

उनकी बाबत ख़मोश ही रहियो

“कितने बोझिल हैं शाम के साए

दिन ख़िज़ाँ के ज़रा उदास-से हैं

यूँ ही माहौल की गिरानी है”

और जो दिल में आए सो कहियो

लोग पूछेंगे क्यों उदास हो तुम?

 

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