Hindi Poem of Meera Bai “Harinam bin nar esa hein , “हरिनाम बिना नर ऐसा है ” Complete Poem for Class 10 and Class 12

हरिनाम बिना नर ऐसा है -मीरां

Harinam bin nar esa hein – Meera Bai

 

हरिनाम बिना बिना नर ऐसा है। दीपकबीन मंदिर जैसा है॥ध्रु०॥
जैसे बिना पुरुखकी नारी है। जैसे पुत्रबिना मातारी है।
जलबिन सरोबर जैसा है। हरिनामबिना नर ऐसा है॥१॥
जैसे सशीविन रजनी सोई है। जैसे बिना लौकनी रसोई है।
घरधनी बिन घर जैसा है। हरिनामबिना नर ऐसा है॥२॥
ठुठर बिन वृमीरा लाल गिरधर तारो अब मोही।।

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