Hindi Poem of Ram Naresh Tripathi “ Pushp Vikas“ , “पुष्प विकास” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

पुष्प विकास

Pushp Vikas

 

एक दिन मोहन प्रभात ही पधारे, उन्हें

देख फूल उठे हाथ-पांव उपवन के ।

खोल-खोल द्वार फूल घर से निकल आए,

देख के लुटाए निज कोष सुबरन के ।।

वैसी छवि और कहीं खोजने सुगंध उडी,

पाई न, लजा के रही बाहर भवन के ।

मारे अचरज के खुले थे सो खुले ही रहे,

तब से मुंदे न मुख चकित सुमन के ।।

 

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