Hindi Poem of Pratibha Saksena “  California ka raj pushp”,”केलिफ़ोर्निया का राज-पुष्प” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

केलिफ़ोर्निया का राज-पुष्प

 California ka raj pushp

 

वन-घासों के बीच

झिलमिलाते इतने दीप!

इस निर्जन वन-खंडिका में

संध्याकाश के नीचे

कौन धर गया?

क्रीक के दोनों ओर,

ढालों पर, निचाइयों में

और हरी-भरी ऊँचाइयों पर भी

सघन श्यामलता में दीप्त होते,

चंचल हवा से अठखेलियाँ करते

कितने -कितने दीप!

सुनहरी लौ के प्रतिबिंब

तल की जल-धारा में बहते उतराते,

सीढ़ियों पर बिखर-बिखर

लहरों के साथ बहे चले जा रहे.

इस विजन में फूले हैं अनगिनती

सुनहरे पॉपी,

उजास बिखेरते,

इस एकान्त साँझ में!

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