Hindi Poem of Bhushan “Rakhi Hindustani Hinduvan ko Tilak rakhayo, “राखी हिन्दुवानी हिन्दुवान को तिलक राख्यौ ” Complete Poem for Class 10 and Class 12

राखी हिन्दुवानी हिन्दुवान को तिलक राख्यौ – भूषण

Rakhi Hindustani Hinduvan ko Tilak rakhayo – Bhushan

 

राखी हिन्दुवानी हिन्दुवान को तिलक राख्यौ
अस्मृति पुरान राखे वेद धुन सुनी मैं
राखी रजपूती राजधानी राखी राजन की
धरा मे धरम राख्यौ ज्ञान गुन गुनी मैं
भूषन सुकवि जीति हद्द मरहट्टन की
देस देस कीरत बखानी सब सुनी मैं
साहि के सपूत सिवराज शमशीर तेरी
दिल्ली दल दाबि के दिवाल राखी दुनी मैं

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