Hindi Poem of Dharamvir Bharti “Boai ka geet”,”बोआई का  गीत” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

बोआई का  गीत

 Boai ka geet

गोरी-गोरी सौंधी धरती-कारे-कारे बीज

बदरा पानी दे!

क्यारी-क्यारी गूंज उठा संगीत

बोने वालो! नई फसल में बोओगे क्या चीज?

बदरा पानी दे!

मैं बोऊंगा बीर बहूटी, इन्द्रधनुष सतरंग

नये सितारे, नयी पीढियाँ, नये धान का रंग

बदरा पानी दे!

हम बोएंगे हरी चुनरियाँ, कजरी, मेहँदी

राखी  के कुछ सूत और सावन की पहली तीज!

बदरा पानी दे!

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