Hindi Poem of Pradeep “Tumko to karodo saal hue, “तुमको तो करोड़ो साल हुए” Complete Poem for Class 10 and Class 12

तुमको तो करोड़ो साल हुए

 Tumko to karodo saal hue

 

तुमको तो करोड़ो साल हुए बतलाओ गगन गंभीर

इस प्यारी प्यारी दुनिया में क्यूँ अलग अलग तक़दीर

मिलते हैं किसी को बिन मांगे ही मोती

कोई मांगे लेकिन भीख नसीब ना  होती

क्या सोच के है मालिक ने रची ये दो रंगी  तस्वीर

इस प्यारी प्यारी दुनिया में क्यूँ अलग अलग तक़दीर

कुछ किस्मत वाले सुख से अमृत पीते

कुछ दिल पर रख कर पत्थर जीवन जीते

कहीं मन पंछी  आकाश उड़े कहीं पाँव पड़ी ज़ंजीर

इस प्यारी प्यारी दुनिया में क्यूँ अलग अलग तक़दीर

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.