Hindi Poem of Sarveshwar Dayal Saxena “Pichda aadmi“ , “पिछड़ा आदमी” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

पिछड़ा आदमी

 Pichda aadmi

जब सब बोलते थे

वह चुप रहता था,

जब सब चलते थे

वह पीछे हो जाता था,

जब सब खाने पर टूटते थे

वह अलग बैठा टूँगता रहता था,

जब सब निढाल हो सो जाते थे

वह शून्य में टकटकी लगाए रहता था

लेकिन जब गोली चली

तब सबसे पहले

वही मारा गया।

2 Comments

  1. ATHULYA K T September 17, 2019
  2. ATHULYA K T September 17, 2019

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.