Hindi Poem of Shiv Bahadur Singh Bhadoriya “ Beth le kuch der aao”,”बैठ लें कुछ देर आओ” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

बैठ लें कुछ देर आओ

 Beth le kuch der aao

 

बैठ लें

कुछ देर, आओ

झील तट पत्थर-शिला पर

लहर कितना तोड़ती है

लहर कितना जोड़ती है

देख लें

कुछ देर, आओ

पाँव पानी में हिलाकर

मौन कितना तोड़ता है

मौन कितना जोड़ता है

तौल लें

औकात अपनी

दृष्टियों को फिर मिलाकर

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