Hindi Poem of Vijaydev Narayan Sahi “Is nagari me raat hui“ , “इस नगरी में रात हुई” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12

इस नगरी में रात हुई

Is nagari me raat hui

मन में पैठा चोर अँधेरी तारों की बारात हुई

बिना घुटन के बोल न निकले यह भी कोई बात हुई

धीरे-धीरे तल्ख़ अँधेरा फैल गया, ख़ामोशी है

आओ ख़ुसरो लौट चलें घर इस नगरी में रात हुई ।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.